भारत में लोकतंत्र पर निबंध Essay on Democracy in India Hindi

आज हम भारत में लोकतंत्र पर निबंध पढ़ेंगे। आप Essay on Democracy in India Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। यहां पर दिया गया निबंध कक्षा (For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं।

Essay on Democracy in India Hindi

भारत में लोकतंत्र पर निबंध Essay on Democracy in India Hindi

भारत आज लोकतंत्र की मशाल जलाते हुए दुनिया में आशा-उमंग और शांति के आकर्षण का केंद्र बिंदु बन गया है। भारत में बिना भेदभाव के हर जाति-धर्म का व्यक्ति बराबरी के आधार पर मेयर से लेकर प्रथम नागरिक तक बन सकता है।

हम विविध-विभिन्न बोली, भाषा, रंग-रूप, रहन-सहन, खान-पान, जलवायु में होने के बावजूद एक संस्कृति की माला में पिरोए हुए हैं। ऐसे ही विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है हमारा देश भारत। समय-समय पर कई उतार-चढ़ाव आए, अभी भी समय-समय पर इसे चुनौती देने की कोशिश की जाती है, लेकिन भारत की सार्वभौमिकता फिर भी बरकरार है।

आज भारत के सामने अहम सवाल यह है कि राजनीतिक व्यवस्था को ठीक, समाज को चुस्त, ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित बनाने के लिए ठोस कानून बनाया जाए। प्रत्येक नागरिक को भी-चाहे कोई बेरोजगार हो या अमीर, सेवादार हो या किसान अपनी प्रत्यक्ष संपत्ति-जायदाद का खुलासा करना चाहिए, ताकि हमारे देश में जो चल-अचल धन है उसकी जानकारी हो सके। एक बात और कि जिन लोगों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कहीं भी, देश या विदेश में, अगर किसी प्रकार का धन मिलता हो तो उसे जब्त किया जाए और उस व्यक्ति को ऐसा करने की सख्त सजा भी मिले।

जनतंत्र-गणतंत्र की प्रौढ़ता को हम पार कर रहे हैं लेकिन आम जनता को उसके अधिकार, कर्तव्य, ईमानदारी समझाने में पिछड़े, कमजोर और गैरजिम्मेदार साबित हो रहे हैं। ऐसा होना स्वाभाविक है। इसका कारण है, अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक न होना या फिर उनके बारे में जानकारी रखते हुए भी उनके प्रति उपेक्षा का भाव रखना।

हमें विश्वास है कि जल्द ही हम सिद्ध करके दिखाएंगे कि लोकतंत्र हमारा स्वभाव है और हम विश्व के श्रेष्ठ और मजबूत लोकतंत्र के नागरिक हैं।


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